अलविदा 2021

जैसे हो हवा का झोंका, ऐसे ये साल निकला है

कभी हुआ हास्य व्यंग्य, तो कभी दर्द निकला है

अच्छा कहूँ या बुरा कहूँ, जो मुझे इस वर्ष मिला

मैंने देखा था एक ख्वाब, वो सच हो निकला है


आज हम सभी 2021 के अंतिम पहर में है

2021 ने हमे बहुत सी हसीन यादें तो दी ही

परंतु बीते 15 दिनों मे गहरा ह्रदयघात भी दिया

आशा है 2022 का आगाज सभी का ईश्वर के आशीर्वाद के साथ स्नेह व हर्षोल्लास के साथ हो 

2021 में अनजाने मे हुई गलतियों के लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूँ

       आपका अपना 

      Rk Vivaan Sharma



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