दिल चाहता है...
इन झील सी नीली आँखों मे आज डूबने कोदिल चाहता है
इस चांद से रोशन चहरे को आज देखने कोदिल चाहता है
मानता हूँ मेरी गलतिया, उनको तुम माफ करो यहदिल चाहता है
मानता हूँ मैं बहुत बुरा, मुझको तुम सुधारों यहदिल चाहता है
दुनिया भर की कसमें खाकरकरके वादे कहता हूं
दुनिया भर की कसमें खाकरकरके वादे कहता हूं
आगे से ना होगी खता, कभी न

Comments
Post a Comment