ख्वाहिश
RK Vivaan Sharma
जिसको चाहा है मैंने हमेशा अपनी ख्वाहिशों मेवो बैठा रहता है हमेशा न जाने कैसी बंदिशों मे
मैं कहता हूं उसे,भूल जा ज़माने को और इश्क कर वो कहता है,ग़द्दार है ज़माना नहीं करना इश्क भूलकर
जो मेरी ख्वाहिश है, वो किसी और ख्वाहिश मे हैज़रा तुम ही बताओ क्या मेरे सदमे ख्वाहिश मे है
मुझे नींद आती नहीं तुम्हारी ख्वाहिशों के चलते क्या होगा मेरा तुम्हारे इन वारिसों के चलते
ये जो लोग तुम्हें अपनी जान कहते हैं सच कहता हूं ये लोग मुझे बेईमान लगते हैं
मैं कहता नहीं हूं अपने दिल का हाल किसी से जाकर करेंगे मेरी बुराई और चुगली तुम्हीं से
कोई मुझसे रूठ कर जुदा न हो जाए तुझसे किया इश्क़ कहीं मेरा खुदा न हो जाए
इश्क़ के बिस्किट पर मैं काजू और तुम किशमिश हो मेरीतुम्हें अपने घर की लक्ष्मी बनाऊँ यह ख्वाहिश हो मेरी
आते हो तुम ख्वाबों मे ख्वाहिश की तरह करता हूँ तुमसे प्यार बारिश की तरह
24 घंटे 1440 मिनिट 86400 सेकंड मैं तुम्हें याद करता हूँ
तुम कब समझोगी मेरा इश्क़, तुम्हें बेपनाह बेहद करता हूं

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