पिता का साया...
Rk Vivaan Sharma
यू तो कहने को सब डरते है उनसेलेकिन अपनी पहचान कहते है उनसे
माँ ने जन्म दिया पाला पोस कर बड़ा किया हैवो पिता ही है जिसने हमे इस लायक किया है
पिता न हो उस परिवार का हर जगह तिरस्कार हावी होता है गलत नहीं कहते है लोग कि पिता का साया ही काफी होता है
हमारी शान पिता से है हमारा अभिमान पिता से है जो दुनिया में हम सब पाते है वो सम्मान पिता से है
बेटों के सर का ताज है एक पिता बेटियों के दिल का राज है एक पिता
अपने अरमानो को कुचलकर पिता ने हमे समझाया है आसान नहीं होता खुद थक कर घर में सबको मनाया है
बेटा हो या बेटी पिता के लिए दोनों एक समान हैइसीलिए तो हमे अपने पिता पर बेहद मान है
कभी पिता का प्यार मैंने पाया नहीं ये किस्मत है मेरी अपने पिता का के नाम से जाना जाऊँ ये चाहत है मेरी
मेरी माँ ने पिता होने का पूरा फर्ज निभाया है फिर भी मनहूस लोगों ने मुझे पिता याद दिलाया है
मुझे कोई ग़म नहीं इस बात का मुझे पिता की याद आई हैइस बहाने लोगों ने मेरे स्वर्गीय पिता की बात तो चलाई है
Rk Vivaan Sharma

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